“ऊणेदुणे काढु”- निर्भंगावली – प्रा शिवाजी पाटील

😔😔 *ऊणेदुणे काढु*😔😔

 

ऊणेदुणे काढु | हातपाय मोडू |

नका दादा सोडू | संयमाला || १||

 

प्रचार आचार | सदाचाच भाऊ |

खाली नका जाऊ | शब्द बाणे ||२||

 

मर्यादा संस्कार | महाराष्ट्री थोर |

संतांचे विचार | जनी मनी ||३||

 

नाही रूचतरे | पातळी सोडणे |

शब्दांचे फेकणे | वंगाळ ते ||४||

 

शिबा म्हणे माझा| महाराष्ट्र थोर |

हिंसाचारी चोर | आले गेले||५||

*प्रा शिवाजी पाटील*

(निर्भंगावलीकार)

*राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,राष्ट्रीय किसान मोर्चा,दिल्ली*

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